Posts

Showing posts from December, 2023

अशाेक मधुप का एक साक्षात्कार

Image
 

कहानी पढा़ई के समय की

 बात पढ़ाई के समय की है। कौन सी क्लास की है यह याद नहीं ,लेकिन इतना याद है की मैं जूनियर कक्षा में पढ़ता था । हमारा एक साथी सुरेश स्कूल नहीं आता था ।मास्टर साहब ने आदेश दिया कि उसे पकड़ कर लाया जाए ।चार लड़के उसे पकड़ कर लाने के लिए स्कूल से चले ।सुरेश का घर झालू में आर्य समाज के पीछे तालाब के पास  था। सुरे'% नरेश दो भाई थे। इनका परिवार आर्य समाजी था । दिखाई देते ही हम सुरेश को  पकड़ने लगे। पास में सुरेश के पालतू कुत्ते पड़े थे ।  उसने वह कुत्ते हम पर लहका दिए ।कुत्तों को आता देखकर मेरे साथी तो भाग गए ।मैं भी भागा किंतु मेरा पजामा पैर में फंसा और मैं  गिर गया ।मेरे गिरते  कुत्ते ने मेरे कुलहे पर काट दिया ।सुरेश तो स्कूल नहीं आया ।पता नहीं मास्टर साहब ने बाद में उसे क्या दंड दिया, किंतु कुत्ते का कांटे का इलाज करने के लिए मुझे खारी में हकीम जी के पास 14 दिन तक जाना पड़ा।