जुगाड कैलास यात्रा
एक जुगाड़ 2012 में हम कैलाश यात्रा कर गए। दो सीनियर सिटीजन के लिए ट्रैवल एजेंट एक शेरपा की व्यवस्था करता है ताकि वह उनकी देखरेख करें। हमारे साथ भी एक शेरपा यात्रा में था। कैलाश यात्रा में सबसे कठिन है , कैलाश की परिक्रमा करना । लगभग 45 किलोमीटर की परिक्रमा तीन चरणों में तीन दिन में पूरी होती है। दूसरा और तीसरा चरण बहुत कष्ट होता है। दूसरे चरण में आठ 10 किलोमीटर के ट्रैक पर बर्फ ही बर्फ होता है। एक स्थान पर मेरी पत्नी को समस्या हुई। हमारे साथ चल रहे शेरपा ने अपनी कमर में बंधे हवा भरने वाले तकिए में लगा पाइप मेरी पत्नी की नाक में लगा दिया। । मेरे पूछने पर उसने बतलाया कि तकिए में वह जरूरत के लिए ऑक्सीजन लेकर चलते है। सिलेंडर लेकर चलना बहुत कठिन होता है। हम तकिए में ऑक्सीजन भर लेते हैं। ताकि यात्रा में श्रद्धालुओं को परेशानी होने पर इसका उपयोग करते हैं। एक सिलेंडर में कई सौ तकिए ऑक्सीजन से भरे जा सकते हैं।