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Showing posts from November, 2023

जब डीएम के अर्दली को ज्ञापन दिया

  जब डीएम के अर्दली को ज्ञापन दिया श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की बिजनौर इकाई   ने पत्रकारों के किसी मामले को लेकर अगले   दिन प्रदर्शन करने का निर्णय   लिया।कारण   क्या था, अब ये याद नहीं।शायद उस समय   श्याम   सुंदर डीएम थे।   पत्रकार राजेंद्र पाल सिंह कश्यप यूनियन के प्रदेशीय   उपाधयक्ष होते थे। मैंने उन्हें अवगत कराया भी कि कल    रविवार है।   उन्होंने कहा   − होने   दो । महत्वपूर्ण मामला   है।प्रदर्शन   कल ही होना   है।   तै   हो गया।   अखबारों में सूचना   छाप   दी गई कि जनपद के पत्रकार   12 बजे टाउनहाल में एकत्र हाकर प्रदर्शन करते कलेक्ट्रेट जाएंगे और डीएम का एक ज्ञापन देंगे। जनपद के पत्रकार आ गए।टाउन हाल में काफी देर भाषण हुए।निर्धारित समय पर प्रदर्शन शुरू हो गया।   पत्रकारों के प्रदर्शन मौन होते हैं, तो   यह प्रदर्शन भी मौन ही था।   प्रदर्शन कलेकट्रेट पंहुचा। अवकश के कारण   कलेकट्रेट बंद था।   नियमानुसार अवकाश में भी एक मजिस्ट्रेट डयूटी पर रहता...

पत्रकार संतोष वर्मा

  पत्रकार संतोष वर्मा कुछ लोग ऐसे होते हैं जो जीते जी तो कष्ट देते हैं , मरने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ते ।ऐसे ही एक   पत्रकार थे संतोष वर्मा ।संतोष वर्मा पतले −दुबले लंबे कुर्ता पजामा पहनते थे। मवाना मेरठ के रहने वाले मेरठ अमर उजाला में बिजनौर डैस्क पर काम करते थे। डैक्स से परिचय हुआ तो पता लगा उनकी ससुराल नहटौर में हैं। अवकाश के दिन उनका ससुराल आना− जाना रहता । ससुराल आते   तो ऑफिस भी आते ।   ऑफिस आते तो सदा कुछ ना कुछ उल्टा−सीधा बताते। कभी   कहते कि अमर उजाला के     मालिक तुमसे नाराज है। तुम्हारी बहुत शिकायत हैं ।तुम्हें हटाने जा रहा हैं। जब भी   आते   एक नया तनाव देकर जाते। एक बार इसी दौरान मेरा   मेरठ जाना हुआ। मेरठ में   मैं अमर उजाला के मालिक   अतुल माहेश्वरी के सामने बैठा था। उन्होंने कहा   कि आजकल आप मन से काम नहीं कर रहे। सब ठीक तो है। मैंने कहा कि मैं तो आपके आदेश का इंतजार कर रहा हूं ।उन्होंने कहा   कैसा आदेश। मैंने कहा −अमर उजाला से हटाने का ।वह बोले कि यह बात आपसे किसने कही तो मैंने साफ-साफ बता दिया की ...