जब आशा ने की भूख हड़ताल
जब आशा ने की भूख हड़ताल प्रेस एम्प्लाइज यूनियन के साथ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने बिजनौर चीनी मिल में चीनी मिल मजदूर यूनियन का गठन किया ।इस समय यहां कांग्रेस की यूनियन ही सक्रिय थी। हमारे यूनियन के गठित करने के साथ कांग्रेस की यूनियन के दबाव पर चीनी मिल प्रबंधन ने हमारी यूनियन के पदाधिकारियों के वेतन रोकने शुरू कर दीजिए। उधर एक सफाई कर्मचारी आशा को बर्खास्त कर दिया। बताया जाता है मिल में सक्रिय दूसरी यूनियन के दलित नेता आशा को रात को अपने कमरे पर बुलाते थे। आशा के उनके कमरे पर ना जाने पर यह कारवाई की गई। हमने यूनियन की सक्रियता दिखाने के लिए मिल प्रबंधन को भूख हड़ताल का नोटिस दे दिया। यूनियन के कहने पर एक दिन आशा भूख हड़ताल पर बैठ गयी। भूख हड़ताल पर नींबू –पानी−शहद आंदोलनकारी इस्तेमाल करते रहे हैं। पर आशा ने कुछ भी लेने से मना कर दिया। उसने घोषणा की कि भूख हड़ताल है तो पूरी भूख हड़ताल है। इस निर्णय से जहां यूनियन के पदाधिकारी परेशानी महसूस करने लगे , वही प्रशासन भी सकते में आ गया। गर्मी काफी थी । तीसरे दिन आशा की हा...